राजस्थान सरकार द्वारा बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक भविष्य को मजबूत बनाने के लिए लाडो प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत पात्र बालिका को जन्म से लेकर स्नातक उत्तीर्ण करने और 21 वर्ष की आयु पूरी करने तक कुल ₹1,50,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
यह राशि एक साथ नहीं मिलती है। बालिका के जन्म, टीकाकरण और अलग-अलग कक्षाओं में प्रवेश जैसे निर्धारित चरण पूरे होने पर कुल सात किस्तों में राशि बैंक खाते में भेजी जाती है। बालिका के जन्म के समय परिवार को ₹1.50 लाख का डिजिटल संकल्प पत्र भी प्रदान किया जाता है।

Lado Protsahan Yojana 2026 Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | लाडो प्रोत्साहन योजना |
| योजना लागू होने की तिथि | 1 अगस्त 2024 |
| राज्य | राजस्थान |
| लाभार्थी | राजस्थान की पात्र बालिकाएं |
| कुल सहायता राशि | ₹1,50,000 |
| किस्तों की संख्या | सात किस्तें |
| भुगतान का माध्यम | डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर |
| नोडल विभाग | महिला अधिकारिता निदेशालय, महिला एवं बाल विकास विभाग |
| आवेदन प्रक्रिया | पीसीटीएस, ओजस और संबंधित विभागीय पोर्टल के माध्यम से |
| आवेदन शुल्क | निःशुल्क |
लाडो प्रोत्साहन योजना क्या है?
लाडो प्रोत्साहन योजना राजस्थान सरकार की एक राज्य स्तरीय योजना है। इसे प्रदेश में बालिका जन्म के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने तथा बालिकाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा के स्तर में सुधार करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
योजना के अंतर्गत बालिका के जन्म के समय ₹1.50 लाख का संकल्प पत्र जारी किया जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि जन्म के तुरंत बाद पूरे ₹1.50 लाख मिल जाते हैं। वास्तविक राशि बालिका के जीवन के निर्धारित सात चरणों में डीबीटी के माध्यम से दी जाती है।
पहली छह किस्तें बालिका की माता, पिता, अभिभावक या पालनहार के बैंक खाते में भेजी जाती हैं। सातवीं और अंतिम किस्त बालिका के स्वयं के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
लाडो प्रोत्साहन योजना में कितने पैसे मिलेंगे?
संशोधित व्यवस्था के अनुसार पात्र बालिका को सात किस्तों में कुल ₹1,50,000 मिलेंगे। किस्तों का पूरा विवरण निम्न प्रकार है:
| किस्त | राशि मिलने का चरण | देय राशि |
|---|---|---|
| पहली किस्त | पात्र चिकित्सा संस्थान में बालिका के जन्म पर | ₹2,500 |
| दूसरी किस्त | 9 से 12 माह तक के सभी निर्धारित टीकाकरण पूरे होने पर | ₹2,500 |
| तीसरी किस्त | कक्षा 1 में प्रवेश लेने पर | ₹4,000 |
| चौथी किस्त | कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर | ₹5,000 |
| पांचवीं किस्त | कक्षा 10 में प्रवेश लेने पर | ₹11,000 |
| छठी किस्त | कक्षा 12 में प्रवेश लेने पर | ₹25,000 |
| सातवीं किस्त | स्नातक उत्तीर्ण करने और 21 वर्ष की आयु पूरी करने पर | ₹1,00,000 |
| कुल राशि | ₹1,50,000 |
कक्षा 1 से कक्षा 12 तक की किस्तों के लिए बालिका का राजस्थान सरकार से मान्यता प्राप्त राजकीय अथवा निजी विद्यालय में अध्ययन करना आवश्यक है।
लाडो प्रोत्साहन योजना की पात्रता
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए मुख्य पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:
- बालिका को जन्म देने वाली प्रसूता राजस्थान की निवासी होनी चाहिए।
- प्रसूता के पास आधार कार्ड और जन आधार कार्ड होना चाहिए।
- बालिका का जन्म किसी राजकीय चिकित्सा संस्थान अथवा जननी सुरक्षा योजना के लिए अधिकृत निजी चिकित्सा संस्थान में होना चाहिए।
- दूसरी किस्त के लिए बालिका का 9 से 12 माह तक का निर्धारित टीकाकरण पूरा होना चाहिए।
- शिक्षा से संबंधित किस्तों के लिए बालिका का राजस्थान सरकार से मान्यता प्राप्त राजकीय अथवा निजी विद्यालय में प्रवेश होना चाहिए।
- अंतिम किस्त के लिए बालिका का मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान से स्नातक उत्तीर्ण करना और 21 वर्ष की आयु पूरी करना जरूरी है।
- तीसरी और उसके बाद की किस्तों के लिए संतान की संख्या की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
योजना की अलग-अलग किस्तों के सत्यापन के दौरान निम्न दस्तावेजों और विवरणों की आवश्यकता पड़ सकती है:
- प्रसूता का आधार कार्ड
- जन आधार कार्ड
- माता, पिता या अभिभावक के बैंक खाते का विवरण
- मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्ड अथवा ममता कार्ड
- बालिका का जन्म और संस्थागत प्रसव रिकॉर्ड
- बालिका की यूनिक आईडी अथवा पीसीटीएस आईडी
- विद्यालय प्रवेश का विवरण
- जन आधार सदस्य आईडी
- APAAR आईडी, जहां लागू हो
- स्नातक उत्तीर्ण करने का रिकॉर्ड
- अंतिम किस्त के लिए बालिका के बैंक खाते का विवरण
Lado Protsahan Yojana के लिए आवेदन कैसे करें?
योजना की पहली और दूसरी किस्त के लिए परिवार को किसी ई-मित्र अथवा एसएसओ आईडी से अलग ऑनलाइन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। इसकी प्रक्रिया गर्भावस्था के दौरान होने वाली एएनसी जांच से शुरू होती है।
पहली किस्त की प्रक्रिया
गर्भवती महिला की एएनसी जांच के दौरान आधार, जन आधार और बैंक खाते की जानकारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राप्त की जाती है। इस जानकारी को पीसीटीएस पोर्टल पर दर्ज किया जाता है।
पात्र चिकित्सा संस्थान में बालिका का जन्म होने के बाद संस्थागत प्रसव की पुष्टि की जाती है। इसके बाद पहली किस्त ₹2,500 पात्र बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। बालिका को भविष्य की ऑनलाइन ट्रैकिंग के लिए पीसीटीएस अथवा यूनिक आईडी भी दी जाती है।
दूसरी किस्त की प्रक्रिया
बालिका के 9 से 12 माह तक के सभी निर्धारित टीके लगने के बाद टीकाकरण का रिकॉर्ड पीसीटीएस अथवा ओजस पोर्टल पर अपडेट किया जाता है। रिकॉर्ड का सत्यापन होने पर दूसरी किस्त ₹2,500 बैंक खाते में भेजी जाती है।
दूसरी किस्त के लिए बालिका के एक वर्ष तक जीवित होने का अलग प्रमाण-पत्र देने की आवश्यकता नहीं है। मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्ड अथवा ममता कार्ड में दर्ज टीकाकरण रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापन किया जाता है।
तीसरी से छठी किस्त की प्रक्रिया
कक्षा 1, कक्षा 6, कक्षा 10 और कक्षा 12 में प्रवेश के बाद संबंधित विद्यालय द्वारा बालिका का विवरण शाला दर्पण अथवा निजी विद्यालय पोर्टल पर अपडेट किया जाता है।
बालिका को पीसीटीएस आईडी, जन आधार सदस्य आईडी अथवा APAAR आईडी के माध्यम से ऑनलाइन ट्रैक किया जाता है। पात्रता पूरी होने के बाद शिक्षा विभाग द्वारा संबंधित किस्त का भुगतान किया जाता है। प्रत्येक किस्त के लिए परिवार को नया आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती है।
सातवीं किस्त की प्रक्रिया
बालिका के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान से स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने और 21 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा विभाग द्वारा रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाता है।
सभी शर्तें पूरी होने पर सातवीं किस्त के रूप में ₹1,00,000 बालिका के स्वयं के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं।
किस्त नहीं मिलने पर क्या करें?
यदि निर्धारित चरण पूरा होने के बाद भी किस्त प्राप्त नहीं होती है, तो सबसे पहले यह जांचें:
- पीसीटीएस पोर्टल पर बालिका का रिकॉर्ड दर्ज है या नहीं।
- आधार और जन आधार की जानकारी सही है या नहीं।
- बैंक खाता सक्रिय और डीबीटी के लिए लिंक है या नहीं।
- टीकाकरण का रिकॉर्ड पीसीटीएस पर अपडेट हुआ है या नहीं।
- विद्यालय ने प्रवेश का विवरण शाला दर्पण या निजी विद्यालय पोर्टल पर अपडेट किया है या नहीं।
- बालिका की पीसीटीएस आईडी, जन आधार सदस्य आईडी और विद्यालय रिकॉर्ड आपस में मेल खाते हैं या नहीं।
पहली अथवा दूसरी किस्त से संबंधित समस्या होने पर संबंधित सरकारी चिकित्सा संस्थान, एएनएम अथवा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया जा सकता है। विद्यालय स्तर की किस्त के लिए संबंधित स्कूल के योजना प्रभारी से रिकॉर्ड अपडेट करवाना चाहिए।
राजस्थान से बाहर प्रसव होने पर लाभ मिलेगा?
यदि राजस्थान में निवास करने वाली प्रसूता का संस्थागत प्रसव राज्य से बाहर हुआ है और उसे जननी सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त हुआ है, तो आधार एवं जन आधार होने पर निवास क्षेत्राधिकार वाले राजकीय चिकित्सा संस्थान के माध्यम से पहली किस्त का लाभ दिया जा सकता है।
ऐसे मामले में प्रसव और जननी सुरक्षा योजना से संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन करवाना आवश्यक होगा।
राजश्री योजना के लाभार्थियों का क्या होगा?
पूर्व में संचालित मुख्यमंत्री राजश्री योजना को लाडो प्रोत्साहन योजना में समाहित किया गया है। राजश्री योजना की शेष किस्तों का लाभ पात्रता के अनुसार लाडो प्रोत्साहन योजना के माध्यम से दिया जाएगा।
महत्वपूर्ण बातें
- बालिका के जन्म पर पूरे ₹1.50 लाख नकद नहीं मिलते हैं।
- जन्म के समय ₹1.50 लाख का संकल्प पत्र जारी किया जाता है।
- वास्तविक भुगतान सात निर्धारित किस्तों में होता है।
- पहली किस्त की राशि ₹2,500 है।
- अंतिम किस्त ₹1,00,000 की है।
- पहली दो किस्तों के लिए अलग आवेदन नहीं करना होता।
- घर पर हुए प्रसव के बजाय पात्र संस्थान में संस्थागत प्रसव जरूरी है।
- सरकारी और राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की बालिकाएं पात्र हो सकती हैं।
- आवेदन और योजना का लाभ निःशुल्क है।
Lado Protsahan Yojana 2026 Important Links
| Lado Protsahan Yojana 2026 Notification | Click Here |
| Official Website | ojspm.rajasthan.gov.in |
| More Job Update | rajasthanvacancy.in |
| Join WhatsApp Channel | Join Now |