राजस्थान लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। हाल की कई भर्ती परीक्षाओं में पदों के मुकाबले बहुत कम अभ्यर्थी न्यूनतम अंक प्राप्त कर सके। इसके बाद आयोग द्वारा गठित आंतरिक समिति ने प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर और प्रश्नों के संतुलन की समीक्षा की है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार समिति ने कठिन स्तर के प्रश्नों का अनुपात कम करने तथा सरल और मध्यम स्तर के प्रश्नों की संख्या बढ़ाने की सिफारिश की है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर तैयार ड्राफ्ट को फुल कमीशन की बैठक में रखा जाएगा। फुल कमीशन की स्वीकृति के बाद ही नया पेपर पैटर्न लागू करने पर अंतिम निर्णय होगा।
महत्वपूर्ण बात यह है कि 5 सितंबर 2026 तक RPSC ने नए पेपर पैटर्न को लेकर कोई अलग आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। इसलिए इसे अभी लागू हो चुका नियम नहीं माना जाना चाहिए।

RPSC Exam Paper Pattern Change 2026 Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आयोग का नाम | राजस्थान लोक सेवा आयोग |
| अपडेट | प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर की समीक्षा |
| समीक्षा करने वाली संस्था | RPSC की आंतरिक समिति |
| मुख्य सिफारिश | कठिन प्रश्नों का अनुपात कम करना |
| अन्य सिफारिश | सरल और मध्यम स्तर के प्रश्न बढ़ाना |
| सामान्य ज्ञान का स्तर | संतुलित रखने का सुझाव |
| समिति की रिपोर्ट | आयोग को सौंपे जाने की मीडिया रिपोर्ट |
| अगला चरण | फुल कमीशन की बैठक में ड्राफ्ट रखा जाएगा |
| अंतिम निर्णय | अभी बाकी |
| आधिकारिक नोटिफिकेशन | अभी जारी नहीं हुआ |
RPSC को पेपर पैटर्न की समीक्षा क्यों करनी पड़ी?
स्कूल व्याख्याता सहित कुछ भर्ती परीक्षाओं में विज्ञापित पदों की तुलना में पात्रता जांच के लिए बहुत कम अभ्यर्थी सूचीबद्ध हुए हैं। प्रश्नपत्र कठिन होने और निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं कर पाने के कारण कई विषयों में उपलब्ध पदों के बराबर अभ्यर्थी भी पात्रता जांच की सूची में शामिल नहीं हो सके।
RPSC के आधिकारिक परिणामों में जारी पात्रता जांच की अस्थायी सूचियों और प्रकाशित पद संख्या के आधार पर स्थिति इस प्रकार रही है।
स्कूल व्याख्याता भर्ती 2025 में पात्र अभ्यर्थियों की स्थिति
| विषय | विज्ञापित पद | पात्रता जांच के लिए सूचीबद्ध अभ्यर्थी | अंतर |
|---|---|---|---|
| कृषि | 552 | 49 | 503 |
| वाणिज्य | 600 | 323 | 277 |
| भौतिक विज्ञान | 136 | 24 | 112 |
| संस्कृत | 86 | 18 | 68 |
| जीव विज्ञान | 103 | 42 | 61 |
| समाजशास्त्र | 34 | 6 | 28 |
| अर्थशास्त्र | 47 | 8 | 39 |
उपरोक्त अंतर की गणना विज्ञापित पदों में से पात्रता जांच के लिए सूचीबद्ध अभ्यर्थियों की संख्या घटाकर की गई है। इसे अंतिम रूप से खाली रह गए पदों की आधिकारिक संख्या नहीं समझना चाहिए, क्योंकि आयोग ने अभी पात्रता जांच के लिए अस्थायी सूची जारी की है। अंतिम चयन दस्तावेज सत्यापन और आगे की चयन प्रक्रिया के बाद होगा।
कृषि विषय में 552 पदों के लिए केवल 49 अभ्यर्थियों को पात्रता जांच की अस्थायी सूची में शामिल किया गया। इसी प्रकार वाणिज्य के 600 पदों के मुकाबले 323 और भौतिक विज्ञान के 136 पदों के मुकाबले केवल 24 अभ्यर्थी सूचीबद्ध हुए। इन विषयों की आधिकारिक परिणाम पीडीएफ RPSC School Lecturer 2025 Result Page पर उपलब्ध है।
स्कूल व्याख्याता भर्ती 2024 में भी कम रहे थे अभ्यर्थी
यह समस्या केवल 2025 की भर्ती तक सीमित नहीं है। स्कूल व्याख्याता एवं कोच प्रतियोगी परीक्षा 2024 के कुछ विषयों में भी पदों के मुकाबले पात्रता जांच के लिए बहुत कम अभ्यर्थी सूचीबद्ध हुए थे।
| विषय | विज्ञापित पद | पात्रता जांच के लिए सूचीबद्ध अभ्यर्थी | अंतर |
|---|---|---|---|
| राजनीति विज्ञान | 225 | 6 | 219 |
| गृह विज्ञान | 16 | 2 | 14 |
| चित्रकला | 35 | 8 | 27 |
| पंजाबी | 11 | 7 | 4 |
| समाजशास्त्र | 16 | 10 | 6 |
| उर्दू | 26 | 23 | 3 |
| वाणिज्य | 340 | 284 | 56 |
राजनीति विज्ञान में 225 पद होने के बावजूद केवल 6 अभ्यर्थियों को पात्रता जांच के लिए सूचीबद्ध किया गया था। गृह विज्ञान में 16 पदों के लिए 2 और चित्रकला में 35 पदों के लिए 8 अभ्यर्थी ही सूची में शामिल हुए। संबंधित विषयों के परिणाम RPSC School Lecturer 2024 Result Page पर देखे जा सकते हैं।
संस्कृत कॉलेज शिक्षा के कुछ विषयों में भी नहीं मिले अभ्यर्थी
सहायक आचार्य संस्कृत कॉलेज शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा 2024 के धर्मशास्त्र, ज्योतिष फलित और यजुर्वेद जैसे विषयों में भी निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी नहीं मिलने की स्थिति सामने आई थी।
आयोग ने इन विषयों के लिए अलग-अलग परिणाम प्रस्तावना जारी की थी। ये परिणाम RPSC Assistant Professor Sanskrit College Education Result Page पर उपलब्ध हैं।
वर्तमान प्रश्नपत्र में कठिन प्रश्नों का कितना अनुपात है?
समिति की समीक्षा से संबंधित मीडिया रिपोर्ट में वर्तमान प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर का निम्न अनुपात बताया गया है:
| प्रश्नों का स्तर | वर्तमान अनुपात |
|---|---|
| सरल प्रश्न | 30% |
| मध्यम स्तर के प्रश्न | 30% |
| कठिन प्रश्न | 40% |
समिति ने 40% कठिन प्रश्नों वाले अनुपात को कम करने तथा सरल और मध्यम स्तर के प्रश्नों का हिस्सा बढ़ाने की सिफारिश की है। हालांकि नया अनुपात कितना होगा, इसकी जानकारी अभी जारी नहीं हुई है।
क्या 40% न्यूनतम अंकों की अनिवार्यता हटेगी?
यहां दो अलग-अलग बातों को समझना बहुत जरूरी है:
| विषय | इसका अर्थ | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| 40% न्यूनतम अंक | परीक्षा में अभ्यर्थी द्वारा प्राप्त किए जाने वाले न्यूनतम qualifying marks | इसमें बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई |
| 40% कठिन प्रश्न | प्रश्नपत्र में कठिन स्तर के प्रश्नों का बताया गया अनुपात | समिति ने इसे कम करने का सुझाव दिया है |
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि समिति ने 40% न्यूनतम अंकों की शर्त समाप्त या कम कर दी है। अभी सामने आई जानकारी प्रश्नपत्र में कठिन प्रश्नों का अनुपात घटाने से संबंधित है।
स्कूल व्याख्याता की आधिकारिक परीक्षा योजना में न्यूनतम 40% अंकों का प्रावधान है तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को नियमानुसार 5% की छूट दी गई है। जब तक भर्ती नियमों या परीक्षा योजना में आधिकारिक संशोधन जारी नहीं होता, वर्तमान व्यवस्था ही लागू मानी जाएगी।
नए पेपर पैटर्न में क्या बदलाव हो सकते हैं?
समिति की सिफारिशों के आधार पर निम्न बदलावों पर विचार किया जा सकता है:
- अत्यधिक कठिन प्रश्नों का अनुपात कम किया जा सकता है।
- सरल और मध्यम स्तर के प्रश्नों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
- सामान्य ज्ञान के प्रश्नों का स्तर अधिक संतुलित रखा जा सकता है।
- प्रश्नपत्र तैयार करते समय अलग-अलग कठिनाई स्तर के प्रश्नों के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सकता है।
- जिन पुरानी भर्तियों में पद खाली रह गए हैं, उनके संबंध में संबंधित विभागों से संपर्क किया जा सकता है।
यह सभी बिंदु अभी सिफारिश और विचार की स्थिति में हैं। इनका अंतिम स्वरूप फुल कमीशन की बैठक तथा आधिकारिक निर्णय के बाद ही सामने आएगा।
क्या सभी आगामी RPSC परीक्षाओं में नया पैटर्न लागू होगा?
फिलहाल आयोग ने उन परीक्षाओं की सूची जारी नहीं की है जिनमें प्रस्तावित बदलाव लागू किए जाएंगे। इसलिए यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि यह व्यवस्था सभी आगामी भर्ती परीक्षाओं पर एक साथ लागू होगी।
आयोग अंतिम निर्णय लेने के बाद परीक्षा या भर्ती के अनुसार विस्तृत नोटिफिकेशन, संशोधित परीक्षा योजना अथवा निर्देश जारी कर सकता है। अभ्यर्थियों को अपनी संबंधित भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन और परीक्षा योजना ही निर्णायक माननी चाहिए।
क्या सिलेबस और नेगेटिव मार्किंग भी बदलेगी?
अभी सामने आई जानकारी केवल प्रश्नों के कठिनाई स्तर और उनके अनुपात की समीक्षा से संबंधित है। सिलेबस, कुल प्रश्न, परीक्षा अवधि, कुल अंक अथवा नेगेटिव मार्किंग बदलने की कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं हुई है।
इसलिए अभ्यर्थियों को वर्तमान आधिकारिक सिलेबस और परीक्षा योजना के अनुसार ही तैयारी जारी रखनी चाहिए।
नया RPSC पेपर पैटर्न कब लागू होगा?
नया पेपर पैटर्न लागू करने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार समिति की सिफारिशों के आधार पर ड्राफ्ट तैयार कर फुल कमीशन की बैठक में रखा जाएगा। आयोग की स्वीकृति मिलने के बाद ही आधिकारिक सूचना जारी हो सकती है।
जब तक RPSC की वेबसाइट पर नया आदेश या संशोधित परीक्षा योजना जारी नहीं होती, पुराने नियमों को ही लागू माना जाएगा।
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सूचना
अभ्यर्थियों को केवल समाचार के आधार पर अपनी तैयारी का तरीका पूरी तरह नहीं बदलना चाहिए। संबंधित भर्ती के आधिकारिक सिलेबस, परीक्षा योजना और पूर्व प्रश्नपत्रों के अनुसार तैयारी जारी रखें।
प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर आयोग यह स्पष्ट करेगा कि नया अनुपात किन परीक्षाओं से प्रभावी होगा। आधिकारिक घोषणा होने तक “RPSC ने आसान पेपर का नियम लागू कर दिया है” जैसी जानकारी पर विश्वास नहीं करें।