गंभीर बीमारी होने पर परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता इलाज पर होने वाला खर्च होता है। इसी खर्च को कम करने और पात्र परिवारों को सरकारी तथा योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज उपलब्ध करवाने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा Mukhyamantri Ayushman Arogya Yojana 2026 संचालित की जा रही है।
योजना के आधिकारिक पोर्टल पर प्रत्येक पात्र परिवार के लिए ₹25 लाख तक के कैशलेस बीमा कवरेज की जानकारी दी गई है। खाद्य सुरक्षा, सामाजिक आर्थिक जनगणना-2011, लघु एवं सीमांत कृषक तथा कुछ अन्य निर्धारित श्रेणियों के परिवारों का प्रीमियम राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। निःशुल्क श्रेणी में शामिल नहीं होने वाले पात्र परिवार ₹850 प्रति परिवार वार्षिक प्रीमियम का भुगतान करके योजना से जुड़ सकते हैं।

Mukhyamantri Ayushman Arogya Yojana 2026 का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना |
| संक्षिप्त नाम | MAA योजना |
| संबंधित राज्य | राजस्थान |
| योजना का उद्देश्य | पात्र परिवारों को कैशलेस इलाज उपलब्ध करवाना |
| बीमा कवरेज | प्रत्येक पात्र परिवार के लिए ₹25 लाख तक |
| इलाज की सुविधा | सरकारी एवं योजना से जुड़े निजी अस्पताल |
| आवश्यक पहचान | जन आधार नंबर या जन आधार पंजीयन रसीद |
| निःशुल्क श्रेणी का प्रीमियम | राज्य सरकार द्वारा वहन |
| अन्य पात्र परिवारों का प्रीमियम | ₹850 प्रति परिवार प्रति वर्ष |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन अथवा ई-मित्र |
| योजना की शुरुआत | 1 मई 2021 |
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना क्या है?
राजस्थान सरकार ने प्रदेश के नागरिकों को अस्पताल में भर्ती होने पर गुणवत्तापूर्ण और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की है। इसका प्रमुख उद्देश्य पात्र परिवारों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं पर अपनी जेब से किए जाने वाले खर्च को कम करना है।
राज्य में 30 जनवरी 2021 से लागू आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ाते हुए 1 मई 2021 से मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना शुरू की गई। इसलिए यह वर्ष 2026 में शुरू हुई कोई नई योजना नहीं है। वर्ष 2026 इस योजना की वर्तमान जानकारी, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया को दर्शाता है।
योजना में कितना बीमा मिलता है?
आधिकारिक पोर्टल के अनुसार राजस्थान के प्रत्येक पात्र परिवार के लिए ₹25 लाख तक का कैशलेस बीमा कवरेज उपलब्ध है। योजना का लाभ निर्धारित चिकित्सा पैकेज के अंतर्गत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में लिया जा सकता है।
कैशलेस इलाज का अर्थ है कि योजना के निर्धारित पैकेज में शामिल उपचार के लिए पात्र लाभार्थी को अस्पताल में अपनी जेब से भुगतान नहीं करना पड़ता। अस्पताल द्वारा योजना के नियमों के अनुसार इलाज का क्लेम प्रस्तुत किया जाता है।
किसी बीमारी का इलाज करवाने से पहले यह देखना जरूरी है कि संबंधित बीमारी योजना के पैकेज में शामिल है या नहीं और जिस अस्पताल में इलाज करवाया जा रहा है, वहां वह पैकेज उपलब्ध है या नहीं।
योजना के मुख्य लाभ
योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:
- प्रत्येक पात्र परिवार को ₹25 लाख तक का कैशलेस बीमा कवरेज।
- सरकारी अस्पतालों के साथ योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में इलाज।
- योजना शुरू होने से पहले से मौजूद बीमारियों का उपचार भी निर्धारित पैकेज के अनुसार शामिल।
- परिवार के सदस्यों की संख्या और आयु की कोई सीमा नहीं।
- एक वर्ष तक का शिशु परिवार कार्ड में नाम नहीं होने पर भी निर्धारित नियमों के अनुसार योजना का लाभ ले सकता है।
- अस्पताल में भर्ती होने से संबंधित दवाइयां और आवश्यक जांच पैकेज में शामिल।
- विभिन्न विशेषज्ञताओं और चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए निर्धारित पैकेज उपलब्ध।
- भर्ती होने से पहले और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद की कुछ निर्धारित चिकित्सा सुविधाएं भी पैकेज में शामिल।
पैकेज में शामिल चिकित्सा खर्च
राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के योजना विवरण के अनुसार संबंधित बीमारी के निर्धारित पैकेज में निम्नलिखित खर्च शामिल किए गए हैं:
- पंजीकरण शुल्क
- अस्पताल के बिस्तर का खर्च
- भर्ती और नर्सिंग का खर्च
- शल्य चिकित्सा का खर्च
- संवेदनाहरण विशेषज्ञ का शुल्क
- सामान्य चिकित्सा परामर्श शुल्क
- एनेस्थीसिया का खर्च
- रक्त और ऑक्सीजन का खर्च
- ऑपरेशन थिएटर का खर्च
- आवश्यक दवाइयों का खर्च
- एक्स-रे और संबंधित चिकित्सा जांच
- अस्पताल कर्मचारियों और मरीजों को संक्रमण से बचाने के लिए आवश्यक उपकरणों का खर्च
मरीज जिस बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होता है, उस बीमारी से संबंधित उसी अस्पताल में भर्ती होने से पांच दिन पहले और अस्पताल से छुट्टी मिलने के 15 दिन बाद तक की निर्धारित जांच, दवाइयां और डॉक्टर का परामर्श पैकेज की राशि में शामिल रहता है।
क्या सामान्य OPD इलाज भी कैशलेस है?
यह योजना मुख्य रूप से अस्पताल में भर्ती होने वाले IPD उपचार और सरकार द्वारा चिह्नित चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए लागू है। केवल अस्पताल जाकर सामान्य डॉक्टर से परामर्श लेना या बाहर से सामान्य दवाइयां खरीदना प्रत्येक स्थिति में इस बीमा योजना के अंतर्गत शामिल नहीं माना जाएगा।
लाभार्थी को इलाज शुरू करवाने से पहले अस्पताल के योजना सहायता काउंटर पर यह पुष्टि कर लेनी चाहिए कि संबंधित बीमारी अथवा चिकित्सा प्रक्रिया योजना के निर्धारित पैकेज में शामिल है या नहीं।
निःशुल्क इलाज के लिए पात्र परिवार
निम्नलिखित श्रेणियों के पात्र परिवारों का प्रीमियम राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है:
| पात्र श्रेणी | पंजीकरण एवं प्रीमियम |
|---|---|
| राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पात्र परिवार | अलग से पंजीकरण आवश्यक नहीं, प्रीमियम सरकार द्वारा |
| सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के पात्र परिवार | अलग से पंजीकरण आवश्यक नहीं, प्रीमियम सरकार द्वारा |
| लघु एवं सीमांत कृषक | ऑनलाइन या ई-मित्र से पंजीकरण, प्रीमियम सरकार द्वारा |
| राज्य के विभाग, बोर्ड, निगम अथवा सरकारी कंपनी के संविदा कार्मिक | निर्धारित श्रेणी में पंजीकरण, प्रीमियम सरकार द्वारा |
| कोविड-19 अनुग्रह राशि प्राप्त निराश्रित एवं असहाय परिवार | निर्धारित श्रेणी में पंजीकरण, प्रीमियम सरकार द्वारा |
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के पात्र लाभार्थियों को अलग से पंजीकरण करवाने की आवश्यकता नहीं बताई गई है। हालांकि, जन आधार में परिवार के सभी सदस्यों का विवरण सही और अपडेट होना चाहिए।
लघु एवं सीमांत कृषक, संविदा कार्मिक और निर्धारित अन्य निःशुल्क श्रेणियों के लाभार्थी स्वयं ऑनलाइन अथवा ई-मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवा सकते हैं।
₹850 देकर कौन योजना में जुड़ सकता है?
राजस्थान के ऐसे परिवार जो निःशुल्क पात्र श्रेणी में शामिल नहीं हैं, वे ₹850 प्रति परिवार प्रति वर्ष का भुगतान करके योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इसके लिए परिवार को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
- परिवार जन आधार में पंजीकृत होना चाहिए।
- परिवार निःशुल्क पात्र श्रेणी में शामिल नहीं होना चाहिए।
- परिवार का सदस्य सरकारी कर्मचारी या पेंशनर नहीं होना चाहिए।
- परिवार मेडिकल अटेंडेंस नियमों के अंतर्गत चिकित्सा लाभ प्राप्त नहीं कर रहा हो।
विभागीय जानकारी के अनुसार ₹850 निर्धारित प्रीमियम का 50 प्रतिशत हिस्सा है। प्रीमियम का शेष 50 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
योजना में पंजीकरण के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित जानकारी की आवश्यकता होगी:
- जन आधार नंबर अथवा जन आधार पंजीयन रसीद
- परिवार के सदस्य का आधार कार्ड
- आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर
- ऑनलाइन आवेदन के लिए राजस्थान SSO ID
- संबंधित पात्र श्रेणी का विवरण
- भुगतान वाली श्रेणी के लिए ऑनलाइन भुगतान का माध्यम
जन आधार कार्ड नहीं होने पर आवेदक को सबसे पहले जन आधार नामांकन करवाना होगा। ई-सिग्नेचर की प्रक्रिया के दौरान आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त होता है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया निम्न प्रकार है:
- सबसे पहले राजस्थान SSO पोर्टल पर अपनी SSO ID बनाएं।
- SSO ID और पासवर्ड की सहायता से लॉगिन करें।
- योजना के ऑनलाइन पंजीकरण विकल्प पर जाएं।
- अपनी पात्रता के अनुसार Free अथवा Paid श्रेणी चुनें।
- लघु एवं सीमांत कृषक, संविदा कर्मचारी अथवा निर्धारित अन्य निःशुल्क श्रेणी के आवेदक अपनी सही श्रेणी का चयन करें।
- जन आधार नंबर या जन आधार पंजीयन रसीद नंबर दर्ज करके परिवार का विवरण खोजें।
- स्क्रीन पर परिवार के सभी सदस्यों के नाम दिखाई देंगे।
- परिवार के किसी एक सदस्य को आधार से प्राप्त OTP के माध्यम से ई-सिग्नेचर करना होगा।
- आवेदन में मांगा गया संबंधित श्रेणी का विवरण दर्ज करें।
- Paid श्रेणी के परिवार ₹850 का ऑनलाइन भुगतान करें।
- आवेदन पूरा होने के बाद पॉलिसी दस्तावेज का प्रिंट निकाल लें।
जिन लोगों को स्वयं ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी हो रही है, वे अपना जन आधार नंबर और आवश्यक दस्तावेज लेकर नजदीकी ई-मित्र केंद्र से पंजीकरण करवा सकते हैं।
अस्पताल में योजना का लाभ कैसे मिलेगा?
योजना के अंतर्गत इलाज करवाने से पहले यह देखना जरूरी है कि अस्पताल योजना से जुड़ा हुआ है और संबंधित बीमारी का पैकेज उस अस्पताल में उपलब्ध है।
लाभ लेने की प्रक्रिया निम्न प्रकार रहेगी:
- आधिकारिक पोर्टल पर सूचीबद्ध अस्पताल का चयन करें।
- अस्पताल के योजना सहायता काउंटर पर जन आधार नंबर अथवा पॉलिसी दस्तावेज दिखाएं।
- अस्पताल द्वारा मरीज की पात्रता और उपलब्ध बीमा राशि की जांच की जाएगी।
- संबंधित बीमारी के योजना पैकेज की उपलब्धता देखी जाएगी।
- पैकेज स्वीकृत होने के बाद निर्धारित उपचार कैशलेस रूप से किया जाएगा।
केवल अस्पताल का योजना से जुड़ा होना पर्याप्त नहीं है। जिस विशेषज्ञता अथवा बीमारी का इलाज करवाना है, उसका पैकेज भी संबंधित अस्पताल में उपलब्ध होना चाहिए।
किन अस्पतालों में इलाज मिलेगा?
योजना के अंतर्गत निर्धारित पैकेज के अनुसार निम्नलिखित चिकित्सा संस्थानों में इलाज लिया जा सकता है:
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
- सैटेलाइट अस्पताल
- उपखंड अस्पताल
- जिला अस्पताल
- सरकारी मेडिकल कॉलेजों से संबंधित अस्पताल
- राजस्थान में स्थित भारत सरकार के अस्पताल
- योजना से जुड़े निजी अस्पताल
सरकारी और निजी अस्पतालों की सूची समय-समय पर बदल सकती है। इसलिए अस्पताल जाने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान सूची और उपलब्ध चिकित्सा पैकेज अवश्य जांचें।
योजना से संबंधित जरूरी बातें
- कैशलेस सुविधा केवल निर्धारित पैकेज और सूचीबद्ध अस्पताल में मिलेगी।
- सामान्य OPD की प्रत्येक दवा या जांच इस बीमा योजना में अपने आप शामिल नहीं होती।
- जन आधार में परिवार के सदस्यों का नाम और आधार विवरण सही होना चाहिए।
- Paid श्रेणी के लिए ₹850 प्रति परिवार प्रति वर्ष का प्रीमियम निर्धारित है।
- इलाज से पहले अस्पताल में संबंधित बीमारी का पैकेज उपलब्ध होने की पुष्टि करें।
- पहले से मौजूद बीमारियां भी निर्धारित पैकेज के अनुसार योजना में शामिल हैं।
- अस्पताल या पैकेज की नवीनतम स्थिति आधिकारिक पोर्टल से जांचें।
- मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना अलग योजना है। इसे स्वास्थ्य उपचार वाली योजना के समान नहीं समझें।
Mukhyamantri Ayushman Arogya Yojana 2026 Important Links
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| Official Website | maayojana.rajasthan.gov.in |
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