राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनाव अब अलग-अलग समय पर नहीं, बल्कि एक साथ कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में 7 अगस्त 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में Rajasthan One State One Election 2026 की अवधारणा को मंजूरी दे दी गई है।
कैबिनेट ने राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग की सिफारिशों को भी स्वीकार कर लिया है। इसके बाद पंचायतों और नगरीय निकायों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीटों की लॉटरी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सरकार की ओर से चुनाव प्रक्रिया 17 नवंबर 2026 तक पूरी करने की बात कही गई है। हालांकि, पाठकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि 17 नवंबर मतदान की तारीख नहीं है। पंचायत और निकाय चुनाव की वास्तविक मतदान तिथियां, चरण और मतगणना कार्यक्रम राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अलग से घोषित किए जाएंगे।

Rajasthan One State One Election 2026 Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | वन स्टेट-वन इलेक्शन |
| राज्य | राजस्थान |
| संबंधित चुनाव | पंचायती राज संस्थाएं और नगरीय निकाय |
| कैबिनेट मंजूरी की तारीख | 7 अगस्त 2026 |
| कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा |
| चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की समय-सीमा | 17 नवंबर 2026 तक |
| OBC आयोग की रिपोर्ट प्राप्त | 5 अगस्त 2026 |
| आरक्षण प्रक्रिया | SC, ST और OBC सीटों की लॉटरी |
| मतदान की आधिकारिक तारीख | अभी घोषित नहीं |
| चुनाव कराने वाला आयोग | राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग |
राजस्थान कैबिनेट ने वन स्टेट-वन इलेक्शन को दी मंजूरी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद की बैठक में राजस्थान के आगामी पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनावों को एक साथ कराने का निर्णय लिया गया है।
राज्य सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव एक साथ कराने की घोषणा की थी। अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इस घोषणा को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
कैबिनेट के फैसले की जानकारी उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने दी। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा के आधिकारिक अपडेट में भी पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव वन स्टेट-वन इलेक्शन की अवधारणा के तहत कराने की जानकारी दी गई है।
वन स्टेट-वन इलेक्शन क्या है?
वन स्टेट-वन इलेक्शन का अर्थ है कि राजस्थान की सभी पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनावों को एक निश्चित अवधि में एक साथ कराया जाएगा।
इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद तथा शहरी क्षेत्रों की नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम के चुनाव शामिल होंगे।
यह व्यवस्था वन नेशन-वन इलेक्शन से अलग है। राजस्थान का वन स्टेट-वन इलेक्शन केवल स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों से संबंधित है। इसमें लोकसभा और राजस्थान विधानसभा चुनाव शामिल नहीं हैं।
| वन स्टेट-वन इलेक्शन | वन नेशन-वन इलेक्शन |
| राजस्थान के स्थानीय चुनावों से संबंधित | पूरे देश के चुनावों से संबंधित प्रस्ताव |
| पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव | लोकसभा और विधानसभा चुनाव |
| राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कराएगा | भारत निर्वाचन आयोग की प्रमुख भूमिका होगी |
राजस्थान में कितनी पंचायतों और नगर निकायों के चुनाव होंगे?
राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध वर्तमान संरचना के अनुसार राज्य में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था है।
| संस्था | वर्तमान संख्या |
| जिला परिषद | 41 |
| पंचायत समितियां | 457 |
| ग्राम पंचायतें | 14,403 |
| ग्राम पंचायत वार्ड | 1,30,589 |
| नगरीय निकाय | 309 |
| नगरीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र | 10,245 |
राजस्थान में नगरीय निकायों के अंतर्गत नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम आते हैं। ये आंकड़े राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध वर्तमान जानकारी पर आधारित हैं।
चुनाव में शामिल संस्थाओं और निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम संख्या विस्तृत चुनाव कार्यक्रम या संबंधित आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद पूरी तरह स्पष्ट होगी।
राजस्थान पंचायत और निकाय चुनाव कब होंगे?
कैबिनेट बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि शहरी निकाय और पंचायती राज चुनाव प्रक्रिया को 17 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि जनवरी और फरवरी में जिन निकायों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, उनके चुनाव भी इसी प्रक्रिया के अंतर्गत कराने की तैयारी है। मंत्री जोगाराम पटेल की प्रेस ब्रीफिंग से संबंधित रिपोर्ट में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की समय-सीमा 17 नवंबर बताई गई है।
जरूरी सूचना
17 नवंबर 2026 को मतदान होना तय नहीं हुआ है। यह पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने की बताई गई समय-सीमा है। मतदान की तारीख, चुनाव के चरण, नामांकन कार्यक्रम और मतगणना की तारीख राज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक कार्यक्रम में घोषित होगी।
पंचायत और निकाय चुनाव में OBC आरक्षण
राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग ने अपनी सिफारिशें 5 अगस्त 2026 को राज्य सरकार को सौंपी थीं। कैबिनेट ने आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है।
इसके बाद नगरीय निकाय एवं पंचायती राज कानूनों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के साथ अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित प्रावधान लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार आरक्षण की कुल सीमा न्यायालय द्वारा निर्धारित 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। OBC आरक्षण आयोग की रिपोर्ट और संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
अब निम्नलिखित श्रेणियों के लिए आरक्षित वार्ड और सीटें तय करने की लॉटरी प्रक्रिया शुरू होगी:
- अनुसूचित जाति यानी SC
- अनुसूचित जनजाति यानी ST
- अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC
- संबंधित श्रेणियों की महिला सीटें
किस वार्ड, ग्राम पंचायत या नगर निकाय की सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी, इसकी जानकारी आरक्षण लॉटरी और आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही मिलेगी।
वन स्टेट-वन इलेक्शन लागू करने का कारण
राज्य सरकार का कहना है कि पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव अलग-अलग समय पर होने से चुनाव प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रहती है। इसके कारण प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को बार-बार चुनाव कार्य में लगाना पड़ता है।
चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू होने से नई विकास योजनाओं और कुछ सरकारी कार्यों की गति भी प्रभावित होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्थानीय चुनाव एक साथ कराने का निर्णय लिया गया है।
सरकार के अनुसार इस व्यवस्था से:
- चुनाव कराने में लगने वाले समय की बचत होगी।
- प्रशासनिक कर्मचारियों को बार-बार चुनाव ड्यूटी में नहीं लगाना पड़ेगा।
- चुनाव पर होने वाले सरकारी खर्च को कम किया जा सकेगा।
- आदर्श आचार संहिता बार-बार लागू होने की स्थिति कम होगी।
- विकास कार्यों को लंबे समय तक रोकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
- पंचायत और नगरीय निकायों में एक समान चुनाव चक्र तैयार होगा।
अब आगे क्या प्रक्रिया होगी?
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद सबसे पहले SC, ST और OBC वर्ग के लिए आरक्षित सीटों एवं वार्डों की लॉटरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद आरक्षित और सामान्य सीटों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम जारी करेगा। इसमें नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी, चुनाव चिन्ह आवंटन, मतदान और मतगणना की तारीख दी जाएगी।
वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
| प्रक्रिया | वर्तमान स्थिति |
| कैबिनेट से मंजूरी | पूरी |
| OBC आयोग की सिफारिशें स्वीकार | पूरी |
| आरक्षित सीटों की लॉटरी | शुरू होनी है |
| विस्तृत चुनाव कार्यक्रम | जारी नहीं |
| मतदान की तारीख | घोषित नहीं |
| चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य | 17 नवंबर 2026 |
मतदाताओं के लिए क्या बदलेगा?
वन स्टेट-वन इलेक्शन लागू होने के बाद ग्रामीण और शहरी स्थानीय चुनाव एक ही चुनाव अवधि में कराए जाएंगे। ग्रामीण मतदाता पंच, सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद से संबंधित चुनावों में मतदान करेंगे। शहरी मतदाता अपने संबंधित नगर निकाय के चुनाव में हिस्सा लेंगे।
अलग-अलग पदों के लिए मतदान का तरीका, मतदान चरण और तारीख राज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक कार्यक्रम में स्पष्ट की जाएगी। इसलिए मतदाताओं को अभी सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी अनधिकृत मतदान तारीख पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
राजस्थान वन स्टेट-वन इलेक्शन का ताजा अपडेट
राजस्थान कैबिनेट की मंजूरी के साथ ही प्रदेश में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव एक साथ कराने का रास्ता साफ हो गया है। मीडिया रिपोर्टों में राजस्थान को इस प्रकार राज्यभर के पंचायत और निकाय चुनाव एक साथ कराने वाला देश का पहला राज्य बताया जा रहा है।
फिलहाल आरक्षण लॉटरी और विस्तृत चुनाव कार्यक्रम जारी होना बाकी है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही नामांकन, मतदान और मतगणना की सही तारीखें स्पष्ट हो जाएंगी।