राजस्थान सरकार द्वारा संचालित Rajasthan Palanhar Yojana 2026 के अंतर्गत अनाथ एवं विशेष परिस्थितियों वाले बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा, भोजन, कपड़े और अन्य आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों की श्रेणी और आयु के अनुसार पालनहार परिवार को ₹750 से ₹2500 प्रतिमाह प्रति बच्चा सहायता मिल सकती है।
इस योजना का उद्देश्य बच्चों को किसी संस्थान या अनाथालय में भेजने के बजाय उनके नजदीकी रिश्तेदार अथवा परिचित परिवार के बीच पारिवारिक वातावरण में रखना है। इस लेख में पालनहार योजना की पात्रता, वर्तमान सहायता राशि, आवश्यक दस्तावेज, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, आवेदन स्टेटस और वार्षिक नवीनीकरण की पूरी जानकारी दी गई है।

राजस्थान पालनहार योजना 2026 संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | राजस्थान पालनहार योजना |
| संबंधित राज्य | राजस्थान |
| संबंधित विभाग | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग |
| लाभार्थी | अनाथ एवं निर्धारित विशेष श्रेणियों के बच्चे |
| सहायता राशि | ₹750 से ₹2500 प्रति माह प्रति बच्चा |
| अतिरिक्त सहायता | ₹2000 वार्षिक, निर्धारित श्रेणियों में |
| अधिकतम आय सीमा | ₹1.20 लाख वार्षिक |
| आवेदन का माध्यम | SSO पोर्टल, ई-मित्र अथवा पालनहार मोबाइल ऐप |
| आवेदन की स्थिति | ऑनलाइन चेक की जा सकती है |
| वार्षिक नवीनीकरण | प्रत्येक वर्ष जुलाई से दिसंबर के बीच |
| आधिकारिक वेबसाइट | sje.rajasthan.gov.in |
राजस्थान पालनहार योजना क्या है?
पालनहार योजना राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित एक आर्थिक सहायता योजना है। इसके अंतर्गत अनाथ एवं देखरेख और संरक्षण की निर्धारित श्रेणियों में आने वाले बच्चों को परिवार के भीतर उचित पालन-पोषण और शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए पालनहार को आर्थिक सहायता दी जाती है।
पालनहार वह व्यक्ति होता है जो पात्र बच्चे की देखभाल, शिक्षा और पालन-पोषण की जिम्मेदारी लेता है। बच्चे का कोई नजदीकी रिश्तेदार, परिचित व्यक्ति अथवा अपने छोटे भाई-बहन का पालन-पोषण करने वाला वयस्क भाई या बहन भी नियमानुसार पालनहार बन सकता है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के आधिकारिक निर्देश
पालनहार योजना का उद्देश्य
राजस्थान पालनहार योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- पात्र बच्चों को परिवार जैसा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाना।
- बच्चों के भोजन, कपड़ों और अन्य आवश्यकताओं में आर्थिक सहयोग देना।
- बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय से जोड़ना।
- आर्थिक कमजोरी के कारण बच्चों की पढ़ाई बंद होने से रोकना।
- अनाथ एवं विशेष परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों का संस्थागत पालन-पोषण करने के बजाय उन्हें समाज और परिवार के बीच रखना।
Rajasthan Palanhar Yojana 2026 के लिए पात्र बच्चे
पालनहार योजना में निम्नलिखित श्रेणियों के बालक और बालिकाओं को शामिल किया गया है:
- अनाथ बालक या बालिका।
- न्यायिक आदेश के अंतर्गत मृत्युदंड अथवा आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे।
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही विधवा माता के बच्चे। इस श्रेणी में एक समय में अधिकतम तीन बच्चे पात्र हो सकते हैं।
- पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे।
- एचआईवी या एड्स से प्रभावित माता अथवा पिता के बच्चे।
- कुष्ठ रोग से प्रभावित माता अथवा पिता के बच्चे।
- नाता जाने वाली माता के बच्चे। इस श्रेणी में भी एक समय में अधिकतम तीन बच्चे पात्र हो सकते हैं।
- विशेष योग्यजन माता अथवा पिता के बच्चे।
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला के बच्चे।
- सिलिकोसिस से प्रभावित माता अथवा पिता के बच्चे।
पालनहार योजना के लिए आवश्यक पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए पालनहार परिवार और बच्चे को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
- पालनहार राजस्थान का निवासी होना चाहिए अथवा कम से कम तीन वर्ष से राजस्थान में रह रहा हो।
- पालनहार परिवार की वार्षिक आय ₹1.20 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- बच्चे का आधार कार्ड होना आवश्यक है।
- बच्चे का नाम पालनहार के जन आधार कार्ड में जुड़ा होना चाहिए।
- बच्चे का आयु के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र अथवा विद्यालय में पंजीकरण होना जरूरी है।
- विद्यालय जाने योग्य बच्चे का नियमित रूप से अध्ययनरत होना आवश्यक है।
- सामान्य रूप से योजना का लाभ 18 वर्ष की आयु तक मिलता है।
- यदि बच्चा 12वीं अथवा इससे नीचे की कक्षा में पढ़ रहा है और पढ़ाई पूरी होने से पहले 18 वर्ष का हो जाता है, तो उसे नियमानुसार एक अतिरिक्त वर्ष अर्थात अधिकतम 19 वर्ष की आयु तक लाभ दिया जा सकता है।
पालनहार योजना में कितनी सहायता राशि मिलती है?
पालनहार योजना की राशि बच्चे की श्रेणी और आयु के आधार पर निर्धारित की गई है।
| बच्चे की श्रेणी | आयु | मासिक सहायता |
|---|---|---|
| अनाथ श्रेणी | 0 से 6 वर्ष | ₹1500 प्रति माह |
| अनाथ श्रेणी | 6 से 18 वर्ष | ₹2500 प्रति माह |
| अन्य सभी पात्र श्रेणियां | 0 से 6 वर्ष | ₹750 प्रति माह |
| अन्य सभी पात्र श्रेणियां | 6 से 18 वर्ष | ₹1500 प्रति माह |
इसके अतिरिक्त पुस्तकों, स्टेशनरी, कपड़ों, स्वेटर और जूतों जैसी आवश्यकताओं के लिए ₹2000 प्रति बच्चा वार्षिक एकमुश्त सहायता दी जाती है। यह अतिरिक्त वार्षिक सहायता विधवा पालनहार और नाता पालनहार श्रेणी में देय नहीं है।
बच्चे का आयु के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र अथवा विद्यालय में जाना अनिवार्य है। ऊपर दी गई वर्तमान राशि विभाग के आधिकारिक पालनहार FAQ और पालनहार राशि वृद्धि आदेश के अनुसार है।
पालनहार योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
पालनहार से संबंधित सामान्य दस्तावेज
- जन आधार कार्ड।
- राजस्थान मूल निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड अथवा मतदाता पहचान पत्र।
- परिवार की वार्षिक आय ₹1.20 लाख से अधिक नहीं होने का प्रमाण।
- जन आधार में अपडेट बैंक खाता विवरण।
- सक्रिय मोबाइल नंबर।
- पालनहार का आधार कार्ड।
- आवेदन में मांगे गए अन्य प्रमाण पत्र।
बीपीएल, आस्था या अंत्योदय कार्ड धारक तथा निर्धारित विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता, विशेष योग्यजन या सिलिकोसिस पेंशन/प्रमाण पत्र धारकों को नियमानुसार अलग से आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं हो सकती है। हालांकि परिवार की निर्धारित आय सीमा का नियम लागू रहेगा।
बच्चे से संबंधित दस्तावेज
- बच्चे का आधार कार्ड।
- पालनहार के जन आधार कार्ड में बच्चे का नाम।
- आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकरण का प्रमाण पत्र।
- विद्यालय में अध्ययनरत होने का प्रमाण पत्र।
- जन्मतिथि से संबंधित प्रमाण पत्र, यदि आवश्यक हो।
यदि बच्चे की पढ़ाई का सत्यापन शाला दर्पण पोर्टल से हो जाता है, तो अलग से अध्ययन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होती है। पालनहार आवेदन हेतु आधिकारिक दस्तावेज सूची
श्रेणी के अनुसार आवश्यक प्रमाण पत्र
| पात्रता श्रेणी | आवश्यक प्रमाण पत्र |
|---|---|
| अनाथ बच्चा | माता और पिता दोनों के मृत्यु प्रमाण पत्र |
| माता-पिता को मृत्युदंड या आजीवन कारावास | न्यायालय द्वारा जारी दंडादेश की प्रति |
| विधवा माता के बच्चे | सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान आदेश यानी PPO |
| पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे | माता के पुनर्विवाह का प्रमाण पत्र |
| एचआईवी/एड्स प्रभावित माता-पिता के बच्चे | राजस्थान एड्स कंट्रोल सोसायटी का पंजीकरण प्रमाण पत्र अथवा ग्रीन डायरी |
| कुष्ठ रोग प्रभावित माता-पिता के बच्चे | अधिकृत चिकित्सा अधिकारी अथवा मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी प्रमाण पत्र |
| नाता जाने वाली माता के बच्चे | उपखंड अधिकारी द्वारा जारी निर्धारित प्रमाण पत्र |
| विशेष योग्यजन माता-पिता के बच्चे | 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र |
| तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला के बच्चे | सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान आदेश यानी PPO |
| सिलिकोसिस प्रभावित माता-पिता के बच्चे | सक्षम चिकित्सा अधिकारी अथवा अधिकृत मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र |
आवेदन करने से पहले आधार कार्ड, जन आधार, बैंक खाते, मोबाइल नंबर और सभी प्रमाण पत्रों में नाम, जन्मतिथि और अन्य जानकारी एक समान होनी चाहिए।
Rajasthan Palanhar Yojana Online Apply कैसे करें?
Rajasthan Palanhar Yojana 2026 में केवल ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाते हैं। आवेदक अपनी SSO ID से आवेदन कर सकता है अथवा नजदीकी ई-मित्र केंद्र की सहायता ले सकता है।
SSO पोर्टल से आवेदन की प्रक्रिया
- सबसे पहले राजस्थान SSO पोर्टल खोलें।
- अपनी SSO ID और पासवर्ड से लॉगिन करें।
- SSO डैशबोर्ड पर दिखाई देने वाले Palanhar Yojana आइकन पर क्लिक करें।
- पालनहार पोर्टल के रजिस्ट्रेशन पेज पर “Verify Aadhaar” विकल्प चुनें।
- आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP से आधार सत्यापन पूरा करें।
- सत्यापन के बाद पालनहार पंजीकरण आवेदन पत्र खुलेगा।
- आवेदन में पालनहार का नाम, पता, जन आधार, बैंक और अन्य आवश्यक जानकारी भरें।
- “Add Child” विकल्प पर क्लिक करके बच्चे का आधार नंबर दर्ज करें।
- OTP अथवा उपलब्ध आधार प्रमाणीकरण विकल्प से बच्चे का सत्यापन करें।
- बच्चे की पात्रता श्रेणी, विद्यालय या आंगनबाड़ी और अन्य आवश्यक जानकारी भरें।
- सभी जानकारी जांचने के बाद आवेदन को Final Submit करें।
- आवेदन सबमिट होने के बाद आवेदन संख्या जनरेट होगी। इसे सुरक्षित रखें।
आधिकारिक यूजर मैनुअल के अनुसार Final Submit के बाद आवेदन संबंधित ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा अधिकारी के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाता है। पालनहार पोर्टल आधिकारिक यूजर मैनुअल
ई-मित्र से आवेदन
जिन आवेदकों के पास SSO ID नहीं है अथवा स्वयं आवेदन करने में परेशानी आ रही है, वे सभी आवश्यक दस्तावेज लेकर नजदीकी ई-मित्र केंद्र जा सकते हैं। आवेदन सबमिट होने के बाद ई-मित्र से आवेदन की रसीद और आवेदन संख्या अवश्य प्राप्त करें।
पालनहार योजना मोबाइल ऐप से मिलने वाली सेवाएं
राजस्थान सरकार के आधिकारिक SJED Palanhar Scheme App के माध्यम से निम्नलिखित सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है:
- फेस प्रमाणीकरण के माध्यम से नया आवेदन।
- बच्चे को आवेदन में जोड़ना।
- पालनहार और बच्चे का वार्षिक नवीनीकरण।
- आवेदन में लगे आक्षेप का निस्तारण।
- आवेदन की वर्तमान स्थिति देखना।
- भुगतान की जानकारी देखना।
आवेदक आधिकारिक SJED Palanhar Scheme App को Google Play Store से डाउनलोड कर सकते हैं।
पालनहार योजना का आवेदन स्टेटस कैसे चेक करें?
आवेदन की स्थिति देखने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं:
- पालनहार आवेदन एवं भुगतान स्थिति पोर्टल खोलें।
- Application Status या Payment Status में से संबंधित विकल्प चुनें।
- आवेदन संख्या अथवा जन आधार संख्या दर्ज करें।
- स्क्रीन पर दिया गया कैप्चा कोड भरें।
- जानकारी सबमिट करने पर आवेदन या भुगतान की स्थिति दिखाई देगी।
आवेदक आवेदन एवं भुगतान स्टेटस पोर्टल अथवा Palanhaar Payment Status पेज का उपयोग कर सकते हैं।
पालनहार योजना का वार्षिक नवीनीकरण
योजना की सहायता नियमित रूप से प्राप्त करने के लिए पालनहार और बच्चों का प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण या सत्यापन करवाना आवश्यक है।
- वार्षिक नवीनीकरण की प्रक्रिया प्रत्येक वर्ष जुलाई में शुरू होती है।
- पालनहार को जुलाई से दिसंबर तक अधिकतम छह महीने की अवधि में सत्यापन पूरा करवाना चाहिए।
- पालनहार के जीवित होने और बच्चे के आंगनबाड़ी अथवा विद्यालय में पढ़ने का सत्यापन किया जाता है।
- शाला दर्पण पोर्टल से सत्यापन होने पर अलग से अध्ययन प्रमाण पत्र नहीं देना पड़ता।
- सत्यापन नहीं होने पर आवेदन चालू शैक्षणिक सत्र के लिए अस्थायी रूप से निरस्त हो सकता है।
- पूरे शैक्षणिक वर्ष जुलाई से जून तक नवीनीकरण नहीं करवाने पर लंबित सत्र के लिए आवेदन निरस्त किया जा सकता है और उस अवधि का लाभ नहीं मिलेगा।
वार्षिक सत्यापन ई-मित्र अथवा आधिकारिक पालनहार ऐप के माध्यम से फेस प्रमाणीकरण द्वारा किया जा सकता है।
पालनहार योजना का भुगतान नहीं आने के कारण
आधिकारिक निर्देशों के अनुसार भुगतान रुकने के प्रमुख कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:
- पालनहार या बच्चे का वार्षिक नवीनीकरण लंबित होना।
- बैंक खाता संख्या गलत अथवा बैंक खाता निष्क्रिय होना।
- IFSC Code गलत होना।
- ऑनलाइन आवेदन में जन आधार संख्या अपडेट नहीं होना।
- जन आधार में बैंक खाता या मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होना।
- आवेदन में विभाग द्वारा लगाया गया आक्षेप लंबित होना।
- बच्चे का अध्ययन या आंगनबाड़ी पंजीकरण सत्यापित नहीं होना।
सबसे पहले जन आधार में बैंक खाता, मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी अपडेट करवानी चाहिए। इसके बाद संबंधित ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय से पालनहार आवेदन में जानकारी संशोधित करवाई जा सकती है।
आवेदन में आक्षेप लगने पर क्या करें?
यदि आवेदन में कोई दस्तावेज अधूरा है अथवा जानकारी में गलती है तो विभाग आवेदन पर आक्षेप लगा सकता है। आक्षेप की जानकारी आवेदन स्टेटस पोर्टल, पालनहार मोबाइल ऐप अथवा संबंधित ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
आवेदक ई-मित्र केंद्र अथवा पालनहार ऐप के माध्यम से आवेदन संख्या या जन आधार संख्या दर्ज करके कमी पूरी कर सकता है। आक्षेप लगाए जाने के बाद 90 दिन के भीतर आवश्यक सुधार नहीं करने पर आवेदन स्वतः निरस्त किया जा सकता है।
Rajasthan Palanhar Yojana 2026 Important Links
| SSO पोर्टल से आवेदन | Apply Now |
| Official Notification | Download here |
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान पालनहार योजना में कितने रुपये मिलते हैं?
अनाथ श्रेणी के बच्चों को आयु के अनुसार ₹1500 या ₹2500 प्रति माह मिलता है। अन्य पात्र श्रेणियों में ₹750 या ₹1500 प्रति माह सहायता दी जाती है।
पालनहार परिवार की अधिकतम आय कितनी होनी चाहिए?
पालनहार परिवार की कुल वार्षिक आय ₹1.20 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
पालनहार योजना का लाभ कितनी उम्र तक मिलता है?
सामान्य रूप से योजना का लाभ 18 वर्ष की आयु तक मिलता है। 12वीं या इससे नीचे की कक्षा में पढ़ रहे कुछ बच्चों को नियमानुसार अधिकतम 19 वर्ष तक लाभ मिल सकता है।
क्या विधवा महिला के सभी बच्चे योजना में शामिल हो सकते हैं?
पेंशन प्राप्त कर रही विधवा माता और नाता श्रेणी में एक समय में अधिकतम तीन बच्चों को योजना में शामिल किया जा सकता है।
पालनहार योजना का नवीनीकरण कब करवाना होता है?
प्रत्येक वर्ष जुलाई से दिसंबर के बीच पालनहार और बच्चे का वार्षिक नवीनीकरण करवाना आवश्यक है।
क्या पालनहार योजना में ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है?
योजना में ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किया जाता है। आवेदक स्वयं SSO पोर्टल से अथवा नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।